भारत में ईंधन की कीमतें हमेशा से आम जनता की चिंता का विषय रही हैं। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम सीधे तौर पर हर परिवार के मासिक बजट को प्रभावित करते हैं। जनवरी 2026 के मध्य में जब लोग नए साल के खर्चों का हिसाब-किताब लगा रहे हैं, तब ईंधन के ताज़ा रेट जानना बेहद जरूरी हो जाता है। 25 जनवरी 2026 को तेल कंपनियों ने जो भाव जारी किए हैं, उनमें कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है। हालांकि दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, लेकिन स्थिरता ने उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर दी है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ है
25 जनवरी 2026 की सुबह जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम पिछले दिन के मुकाबले लगभग स्थिर रहे हैं। किसी बड़े शहर में कोई उल्लेखनीय कटौती या बढ़ोतरी नहीं हुई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने अपने रोज़ाना के रिवीजन में कीमतों को यथावत रखा है। यह स्थिरता उन लोगों के लिए सुकून भरी है जो रोज़ाना वाहन चलाते हैं और जिनकी आजीविका परिवहन पर निर्भर है।
पेट्रोल-डीजल से जुड़ी मुख्य बातें
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह गतिशील है और कई तत्वों पर आधारित होती है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के भाव, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट, परिवहन खर्च और डीलर मार्जिन सभी मिलकर अंतिम खुदरा कीमत तय करते हैं। इसी कारण एक ही राज्य के विभिन्न शहरों में भी दाम अलग-अलग दिखाई देते हैं। यह पूरी व्यवस्था पारदर्शी और नियमित है, जिससे उपभोक्ताओं को रोज़ाना सटीक जानकारी मिल सके।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल के मौजूदा दाम और असर
25 जनवरी 2026 को देश के बड़े महानगरों में पेट्रोल के रेट इस प्रकार रहे दिल्ली में लगभग ₹94.77 प्रति लीटर, मुंबई में करीब ₹103.50 प्रति लीटर, बेंगलुरु में ₹102.99 प्रति लीटर और हैदराबाद में ₹107.46 प्रति लीटर। इन ऊंचे दामों का सबसे ज्यादा असर रोज़ाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों, टैक्सी और ऑटो चालकों, तथा छोटे व्यवसायियों पर पड़ता है। महानगरों में ट्रैफिक और घनी आबादी के कारण ईंधन की खपत ज्यादा होती है, जिससे मासिक खर्च में तेज़ी से इजाफा होता है।
डीजल के दाम और आम जनजीवन पर प्रभाव
डीजल सिर्फ निजी गाड़ियों का ईंधन नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी आपूर्ति श्रृंखला की धुरी है। ट्रक, बसें, ट्रेन इंजन, कृषि उपकरण, जनरेटर और अनेक औद्योगिक मशीनें डीजल पर चलती हैं। फिलहाल कई बड़े शहरों में डीजल की कीमतें ₹90 से ₹95 प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं। जब डीजल महंगा होता है, तो सब्ज़ी, फल, दूध और अन्य रोज़मर्रा की वस्तुओं की परिवहन लागत बढ़ जाती है, और यह बोझ अंततः आम उपभोक्ता पर आता है। किसानों के लिए भी डीजल की कीमतों में इजाफा खेती की लागत बढ़ाने का काम करता है।
घरेलू LPG गैस सिलेंडर की मौजूदा स्थिति
घरेलू रसोई गैस हर भारतीय परिवार की बुनियादी जरूरत है। राहत की बात यह है कि 25 जनवरी 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लखनऊ में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर लगभग ₹840.50 में उपलब्ध है। अन्य शहरों में स्थानीय करों और डिलीवरी शुल्क के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है। दाम स्थिर रहने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वाले परिवारों को काफी राहत मिली है, क्योंकि रसोई गैस उनके मासिक बजट का अहम हिस्सा होती है।
सरकार और तेल कंपनियां ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश करती हैं ताकि आम जनता को बार-बार के उतार-चढ़ाव से राहत मिल सके। जब दाम एक निश्चित स्तर पर रहते हैं, तो लोग अपने मासिक खर्च की बेहतर योजना बना सकते हैं। खासकर मध्यम वर्ग के लिए यह बेहद जरूरी है कि उन्हें पता हो कि अगले महीने उनका परिवहन और रसोई का बजट कितना होगा। स्थिर दाम महंगाई को नियंत्रण में रखने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
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