किसान सोलर पंप योजना 2026 के तहत किसानों को सोलर पंप पर अधिकतम 80% तक सब्सिडी मिलती है। आवेदन ऑनलाइन किया जाता है, पात्र किसान को कम बिजली खर्च में सिंचाई की सुविधा मिलती है और डीज़ल पर निर्भरता खत्म होती है। सही दस्तावेज़, जमीन के काग़ज़ और बैंक खाते के साथ आवेदन करने पर चयन प्रक्रिया पूरी होती है और सब्सिडी सीधे लाभार्थी को मिलती है।
योजना क्या है और किसानों के लिए क्यों जरूरी
किसान सोलर पंप योजना 2026 सरकार की एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद किसानों को सस्ती, साफ और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा देना है। आज भी कई इलाकों में बिजली कटौती और डीज़ल की बढ़ती कीमतें खेती को महंगा बना देती हैं। ऐसे में सोलर पंप किसानों के लिए गेम चेंजर साबित होते हैं क्योंकि एक बार लगने के बाद धूप से चलने वाला यह पंप सालों तक कम खर्च में पानी देता है। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सब्सिडी देती हैं, जिससे किसान को कुल कीमत का सिर्फ छोटा सा हिस्सा ही देना पड़ता है।
80% सब्सिडी कैसे मिलती है और कौन पात्र है
इस योजना में सामान्य तौर पर कुल लागत का 60% केंद्र सरकार और 20% राज्य सरकार देती है, यानी किसान को केवल 20% राशि खुद देनी होती है। पात्रता की बात करें तो आवेदक किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए और सिंचाई के लिए जल स्रोत उपलब्ध होना जरूरी है। कई राज्यों में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदन के समय आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज़, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पड़ती है।
सोलर पंप की खासियतें और तकनीकी जानकारी
सोलर पंप अलग-अलग क्षमता में उपलब्ध होते हैं ताकि किसान अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकें। ये पंप कम मेंटेनेंस वाले होते हैं और बिजली बिल की टेंशन पूरी तरह खत्म कर देते हैं। नीचे दी गई टेबल में आम तौर पर मिलने वाले सोलर पंप की बेसिक जानकारी दी गई है।
| पंप क्षमता | पैनल क्षमता | अनुमानित सिंचाई क्षेत्र |
| 2 HP | 2.5–3 kW | 3–4 एकड़ |
| 3 HP | 4–5 kW | 5–6 एकड़ |
| 5 HP | 6–7.5 kW | 8–10 एकड़ |
आवेदन प्रक्रिया: स्टेप बाय स्टेप समझें
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह आसान और ऑनलाइन है ताकि किसान घर बैठे फॉर्म भर सकें। सबसे पहले राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके बाद मांगी गई जानकारी सही-सही भरनी होती है और दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं। फॉर्म सबमिट होने के बाद आवेदन की जांच होती है और पात्र किसानों की सूची जारी की जाती है। चयन होने पर किसान को अपनी हिस्सेदारी जमा करनी होती है, फिर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू होती है।
- आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन
- आवेदन फॉर्म भरना
- जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करना
- चयन सूची का इंतजार
- अपनी हिस्सेदारी जमा करना
- सोलर पंप इंस्टॉलेशन
किसानों को क्या फायदे मिलते हैं
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खेती की लागत कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ता है। सोलर पंप पर्यावरण के लिए भी बेहतर हैं क्योंकि इनमें कोई प्रदूषण नहीं होता। लंबे समय में यह निवेश किसानों को आत्मनिर्भर बनाता है और बिजली या डीज़ल की समस्या से राहत देता है। कई किसान बता रहे हैं कि सोलर पंप लगने के बाद उनकी फसल की पैदावार और समय पर सिंचाई दोनों बेहतर हुई हैं। अगर आप भी खेती में खर्च कम करना चाहते हैं और स्थायी समाधान ढूंढ रहे हैं, तो किसान सोलर पंप योजना 2026 आपके लिए एक शानदार मौका है।
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